दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बोकारो जिला मुख्यालय में कांग्रेस ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग उठाई गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की। नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मुद्दे पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटना में एक छात्र की मौत हुई है।
राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठा रही है और पार्टी नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री आवास के समक्ष विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस तब तक आंदोलन जारी रखेगी, जब तक सरकार इस मामले में जवाबदेही तय नहीं करती और शिक्षा मंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती।
धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
संवाददाता: चंदन सिंह, बोकारो





