झारखंड के जामताड़ा जिले में सोमवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा कुंडहित प्रखंड के भेलुआ पंचायत अंतर्गत चड़कमारा गांव में उस समय हुआ, जब किसान धान की रोपनी की तैयारी के लिए खेत में काम कर रहे थे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान 40 वर्षीय मणिलाल सोरेन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मणिलाल सोरेन सोमवार सुबह अपने खेत में धान की रोपनी के लिए जमीन की जुताई करने गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर बाद तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे खेत में गिरी, जिसकी चपेट में आने से मणिलाल गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर कुंडहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जामताड़ा भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में यूडी केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मणिलाल सोरेन अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस मौत से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र सरकारी मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
लगातार हो रही बारिश और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खेतों और खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम खराब होने पर सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
संवाददाता : संतोष कुमार







