जनता दरबार में डीसी ने सुनी 35 लोगों की फरियाद, गोचर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सख्त निर्देश

जामताड़ा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे करीब 35 लोगों ने उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना और कई शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। वहीं, शेष मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

 

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जनता दरबार में जन्म प्रमाण पत्र, सड़क निर्माण, म्यूटेशन, जमीन विवाद, गोचर भूमि पर अतिक्रमण, बिजली कनेक्शन, अबुआ आवास की राशि दूसरे खाते में चले जाने, मंईयां सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलने, दिव्यांग पेंशन, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और सड़क मापी में गड़बड़ी से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं।

 

जनता दरबार में एक कॉलेज छात्र अपने परिजनों के साथ पहुंचा। छात्र ने बताया कि उसके दो अलग-अलग नामों से दो आधार कार्ड बने हुए हैं। एक आधार कार्ड ननिहाल के नाम से और दूसरा पैतृक घर के नाम से बना है। छात्र ने एक आधार कार्ड रद्द कराने की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

 

गोचर भूमि पर कब्जे को लेकर सख्त हुए डीसी

 

कई ग्रामीणों ने गोचर भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए जाने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि गोचर भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को स्थल जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

 

वहीं निर्मल महतो चौक से अमलाचातर तक निर्माणाधीन सड़क की गलत मापी की शिकायत पर भी जांच का निर्देश दिया गया। जंगल-झाड़ प्रकृति की जमीन पर तीन पीढ़ियों से रह रहे परिवार की मुआवजे की मांग और जेजेएस डिग्री कॉलेज की जमीन से जुड़े विवाद पर भी उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों को स्थल जांच करने को कहा।

 

उपायुक्त आलोक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। नियमों के तहत संभव कार्यों का बिना विलंब निष्पादन किया जाए, ताकि प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

 

गौरतलब है कि प्रत्येक मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 1 बजे तक समाहरणालय में जनता दरबार आयोजित किया जाता है, जहां आम लोग सीधे उपायुक्त के समक्ष अपनी शिकायत रख सकते हैं।

 

 

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