बोकारो में सरकारी भूमि पर कथित अवैध खरीद-बिक्री और अतिक्रमण के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। चास नगर निगम क्षेत्र के आईटीआई मोड़ से एनएच-32 तक सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं की गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त अजय नाथ झा ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। महापौर की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
बोकारो जिला प्रशासन अब सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और खरीद-बिक्री के मामलों पर सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। चास नगर निगम क्षेत्र के आईटीआई मोड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग-32 तक फैली सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध खरीद-बिक्री और अतिक्रमण की शिकायत सामने आने के बाद उपायुक्त अजय नाथ झा ने तत्काल कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, बोकारो की महापौर की ओर से उपायुक्त को एक पत्र भेजकर इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर उसकी खरीद-बिक्री की जा रही है, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता (चास) तथा अंचल अधिकारी (चास) को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह स्थल निरीक्षण कर सभी दस्तावेजों की जांच करे, संबंधित पक्षों से जानकारी ले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपे।
प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीद-बिक्री या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से सरकारी जमीन की सुरक्षा और अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।






