ट्रेनों में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार एक जागरूक यात्री की सतर्कता ने बड़ी चोरी की वारदात को नाकाम कर दिया। यह घटना सहरसा से पाटलिपुत्र जाने वाली जनहित एक्सप्रेस की है, जहां मुरारी कुमार सिंह नामक यात्री ने अपनी सूझबूझ से एक कथित चोर को पकड़कर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हवाले कर दिया। हालांकि इस पूरी घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
मुरारी कुमार सिंह के अनुसार, कल रात सहरसा से जब उनकी ट्रेन रात करीब एक बजे खुली उन्हें नींद नहीं आ रही थी, इसलिए वह अपनी सीट पर जाग रहे थे। खगड़िया जंक्शन पर दो-तीन युवक ट्रेन में चढ़े और संदिग्ध गतिविधियां करने लगे। उनके हावभाव देखकर उन्हें शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने उन पर नजर रखनी शुरू कर दी।
जब ट्रेन बेगूसराय के पास पहुंची तो युवक मोबाइल की टॉर्च जलाकर यात्रियों का सामान टटोलते दिखाई दिए। बेगूसराय स्टेशन से ट्रेन खुलते ही वे एक बैग और दो मोबाइल फोन लेकर भागने की कोशिश करने लगे। तभी मुरारी कुमार सिंह ने साहस दिखाते हुए एक युवक को पकड़ लिया। शोर सुनकर अन्य यात्री भी जाग गए और कथित चोर को काबू में कर लिया गया।
इसके बाद तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दी गई। यात्रियों को बताया गया कि बरौनी स्टेशन पर RPF टीम मौजूद रहेगी, लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा। दूसरी बार फोन करने पर अगले स्टेशन की बात कही गई, लेकिन वहां भी सुरक्षा बल नहीं मिला। अंततः तीसरी बार शिकायत करने के बाद शाहपुर पटोरी स्टेशन पर RPF पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लिया। इस दौरान ट्रेन में मौजूद टिकट जांच दल ने भी कई बार RPF से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन गश्ती पुलिसकर्मी समय पर उपलब्ध नहीं हो सके।
यह घटना स्पष्ट करती है कि यात्रियों की सतर्कता अपराध रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, लेकिन सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी आम यात्रियों पर नहीं छोड़ी जा सकती। रेलवे प्रशासन और RPF को यह सुनिश्चित करना होगा कि हेल्पलाइन पर सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई हो और सुरक्षा बल समय पर मौके पर पहुंचे। साथ ही यात्रियों से भी अपील है कि सफर के दौरान सतर्क रहें, संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत 139 पर सूचना दें और सामूहिक रूप से अपराधियों का विरोध करें। यात्रियों की जागरूकता और रेलवे की सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था ही रेल यात्रा को सुरक्षित बना सकती है।





