
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के लक्ष्मीनिया चौक से पॉलिटेक्निक थाना तक करीब 200 मीटर अधूरी सड़क और जलजमाव की समस्या को लेकर शनिवार को स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दिया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब चार घंटे तक सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि करीब दो वर्ष पहले सड़क निर्माण कराया गया था, लेकिन लगभग 200 मीटर हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया। इस कारण हल्की बारिश होते ही सड़क पर घुटने भर पानी जमा हो जाता है। जलजमाव से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने बताया कि कई बार ई-रिक्शा पलट चुके हैं, बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हुए हैं और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही सहरसा नगर निगम की मेयर बैन प्रिया मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि जब तक तत्काल राहत कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक वह भी स्थानीय लोगों के साथ खड़ी रहेंगी। मेयर के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने तत्काल पंपसेट लगाकर सड़क पर जमा पानी की निकासी कराई। इसके बाद ईंट, गिट्टी, बालू और मिट्टी डालकर सड़क को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाया गया।
मौके पर मेयर बैन प्रिया ने घोषणा की कि अधूरे 200 मीटर हिस्से में आरसीसी सड़क निर्माण के लिए 15 दिनों के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। मेयर के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इस दौरान लोगों ने “बैन प्रिया जिंदाबाद” के नारे लगाए और जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि तय समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी, सहरसा





