सीआरपीएफ के वीर शहीद 2nd कमांडेंट हीरा कुमार झा की 12वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को धनबाद के हीरापुर स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीआरपीएफ के अधिकारियों, जवानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम के तहत पार्क मार्केट मैदान में पौधारोपण भी किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा सके।
श्रद्धांजलि समारोह में 154वीं बटालियन सीआरपीएफ के उप कमांडेंट अमित कुमार झा ने शहीद हीरा कुमार झा के जीवन और उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि वे एक निर्भीक और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में हीरा कुमार झा सीआरपीएफ की 7वीं बटालियन में गिरिडीह में तैनात थे। 3 जुलाई 2014 को सूचना मिली थी कि एक शीर्ष माओवादी जमुई क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन और नक्सल विरोधी अभियान के लिए झारखंड पुलिस, बिहार पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम रवाना हुई, जिसका नेतृत्व 2nd कमांडेंट हीरा कुमार झा कर रहे थे।
अभियान के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। इसी दौरान हीरा कुमार झा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनके सर्वोच्च बलिदान को आज भी सीआरपीएफ और देश गर्व के साथ याद करता है।
उप कमांडेंट अमित कुमार झा ने बताया कि इस अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली थी। कई नक्सली मारे गए थे और भारी मात्रा में हथियार व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। उन्होंने कहा कि शहीद हीरा कुमार झा का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी शहादत राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है।
कार्यक्रम में जेएमएम नेत्री डॉ. नीलम मिश्रा, भाजपा कार्यकर्ता संजय झा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने शहीद को नमन करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
संवाददाता : नीतीश कुमार, धनबाद







