जामताड़ा: जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने प्रखंड स्तर पर विशेष ड्राइविंग लाइसेंस कैंप की शुरुआत की है। गुरुवार को जामताड़ा प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित पहले कैंप में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे। इससे लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली, हालांकि सीमित स्लॉट के कारण कई आवेदकों को निराश होकर लौटना पड़ा।
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) मुकेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ के निर्देश पर, उपायुक्त के मार्गदर्शन में जिले के सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग तिथियों पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके ही प्रखंड में ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि समय और खर्च दोनों की बचत हो सके।
डीटीओ ने बताया कि लाइसेंस बनवाने के इच्छुक आवेदकों को पहले अपने नजदीकी सीएससी या प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और ब्लड ग्रुप की जानकारी आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन, शुल्क जमा करने और स्लॉट बुक करने के बाद निर्धारित तिथि पर कैंप में पहुंचकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदकों को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
हालांकि, कैंप में पहुंचे कई लोगों ने सीमित स्लॉट व्यवस्था पर नाराजगी जताई। आवेदकों का कहना है कि प्रतिदिन केवल 100 आवेदन स्वीकार किए जाने की सीमा के कारण बड़ी संख्या में लोग आवेदन जमा नहीं कर सके। कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद बिना आवेदन किए ही वापस लौट गए।
आवेदकों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि कैंप में प्रतिदिन स्लॉट की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सभी इच्छुक लोगों को इसका लाभ मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में आवेदकों को बुलाया जा रहा है, तो आवेदन लेने की क्षमता भी उसी अनुरूप बढ़ाई जानी चाहिए। फिलहाल, प्रखंड स्तर पर शुरू हुई यह व्यवस्था लोगों के लिए राहतभरी साबित हो रही है, लेकिन सीमित स्लॉट की समस्या के समाधान की भी जरूरत महसूस की जा रही है।
संवाददाता: संतोष कुमार







