सारण: बिहार के छपरा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात अपराधियों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम देते हुए अधिवक्ता पिता-पुत्र हत्याकांड के अहम गवाह पंकज कुमार राय की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में उनके छोटे भाई मनीष कुमार राय गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में चल रहा है।
मृतक पंकज कुमार राय (35) मेथवलिया गांव निवासी रामदेव राय के पुत्र थे। दोनों भाई एक रिश्तेदार की शादी समारोह से लौट रहे थे। जैसे ही वे मेथवलिया चौक के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए दो-तीन बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पंकज के सिर में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष के कान के पास गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद परिजन दोनों को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने पंकज को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद मनीष को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही एएसपी रामपुकार सिंह समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
हत्या से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शव को मेथवलिया चौक पर रखकर मुख्य सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। परिजनों का आरोप है कि पंकज को पहले से जान का खतरा था और कई बार पुलिस से सुरक्षा की मांग की गई थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
एएसपी रामपुकार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। कई स्थानों पर छापेमारी जारी है और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
परिजनों का दावा है कि यह हत्या वर्ष 2024 में जमीन विवाद को लेकर हुए अधिवक्ता राम अयोध्या राय और उनके पुत्र सुनील कुमार राय के चर्चित डबल मर्डर केस से जुड़ी है, जिसमें पंकज कुमार राय महत्वपूर्ण गवाह थे। पुलिस इस एंगल समेत सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है।





