विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर निर्वाचन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को धनबाद पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मतदाता सूची में केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम ही शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीईओ ने जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों के साथ एसआईआर अभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरने का कार्य करेंगे। इस दौरान प्रत्येक मतदाता का सत्यापन किया जाएगा ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
मीडिया से बातचीत में के. रवि ने बताया कि 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में पांच श्रेणियों के मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए जाएंगे। इनमें एब्सेंट (अनुपस्थित), शिफ्टेड (स्थानांतरित), डेथ (मृत), डुप्लीकेट (दोहरी प्रविष्टि) और रिफ्यूज टू साइन (हस्ताक्षर से इनकार) श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिफ्यूज टू साइन श्रेणी में वे लोग भी आते हैं, जिन्होंने किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर ली है, लेकिन भारतीय मतदाता सूची से अपना नाम नहीं हटवाया है।
सीईओ ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की, ताकि राज्य में पारदर्शी, शुद्ध और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार की जा सके।
निर्वाचन विभाग के अनुसार 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
संवाददाता : nitish kumar, धनबाद





