पटना: जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे स्वयं बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे। उनका कहना है कि बीजेपी को हराने और उसके अहंकार को तोड़ने के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह करेंगे।
पटना में आयोजित सभा के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वे बांकीपुर से उपचुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया कि बीजेपी को हराने के लिए यदि बांकीपुर से चुनाव लड़ना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पिछले चुनावों में पैसे बांटकर वोट खरीदने की कोशिश की थी और अब जनता इसका जवाब देगी।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर सीट इस बार बीजेपी हारने वाली है। उन्होंने कहा कि यह सीट पिछले करीब 45 वर्षों से बीजेपी का गढ़ रही है। यहां तक कि 2015 में महागठबंधन की लहर में भी बीजेपी यह सीट बचाने में सफल रही थी। लेकिन इस बार जनता बदलाव चाहती है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उपचुनाव में ईवीएम का बटन दबाकर बीजेपी को हराइए। उनका कहना था कि यदि बांकीपुर में बीजेपी हारती है तो यह संदेश सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचेगा कि बिहार की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और मौजूदा सरकार से नाराज है।
प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी यह मानकर चल रही है कि बांकीपुर में किसी को भी उम्मीदवार बना देगी तो जीत जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता इस सोच का जवाब वोट से देगी।
भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर का जिक्र करते हुए भी प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के हक की लड़ाई लड़ने वाले व्यक्ति को गोली मार दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता चुनाव में बीजेपी को हराना है।
गौरतलब है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन के इस्तीफे से बांकीपुर सीट खाली हुई है, जिस पर जल्द ही उपचुनाव होना है।






