बोकारो सदर अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सफाई कर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में एजेंसी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। इसके कारण अस्पताल के वार्ड, आईसीयू और अन्य हिस्सों में चार दिनों से सफाई नहीं हुई, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया और बदबू फैलने लगी। मरीज और उनके परिजन बेहद परेशान हैं।
अस्पताल में इलाज कराने आए लोगों का कहना है कि जहां मरीजों को स्वस्थ होने के लिए भर्ती किया जाता है, वहीं गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। छोटे-छोटे बच्चे भी इसी माहौल में इलाज कराने को मजबूर हैं। नर्सिंग स्टाफ भी बदबू से बचने के लिए मास्क पहनकर ड्यूटी करते नजर आए।
सफाई कर्मियों का कहना है कि उन्हें लगातार तीन महीने से वेतन नहीं मिला, इसलिए मजबूर होकर हड़ताल करनी पड़ी। उनका कहना है कि पेट की चिंता के आगे मानवता भी बेबस हो जाती है। हालांकि 24 जून को एक महीने का वेतन जारी किया गया, लेकिन बाकी भुगतान नहीं होने से आंदोलन जारी है।
मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल की सफाई स्वास्थ्य व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा है और इसमें लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि जिले के अधिकांश अस्पतालों में सफाई व्यवस्था सामान्य है, लेकिन कुछ सफाई कर्मी बार-बार हड़ताल पर चले जाते हैं, जिससे ऐसी स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भेजी जाएगी और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।






