भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत प्यालपुर पंचायत के इटवा और हरशो गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर निर्माणाधीन पुल को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे सीमेंट, छड़, गिट्टी और बालू की गुणवत्ता पर भी लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कार्य में जल्दबाजी और लापरवाही बरती जा रही है, जिससे पुल की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह पुल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। पुल के निर्माण के बाद इटवा और हरशो गांव सहित आसपास के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन पुल की तकनीकी जांच कराई जाए तथा कार्य की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाए। उनका कहना है कि सरकारी राशि से निर्मित इस महत्वपूर्ण परियोजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पुल निर्माण कार्य की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। क्षेत्र के लोगों को अब प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सवालों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है।






