लखीसराय। बिहार के लखीसराय जिले में आयोजित NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान फर्जी परीक्षार्थियों की आशंका को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान 10 अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने पर प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सभी संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
जिले में पुनर्परीक्षा के लिए केआरके हाई स्कूल, केंद्रीय विद्यालय किऊल, डीटी लखीसराय और हसनपुर हाई स्कूल प्लस टू विद्यालय सहित चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, मजिस्ट्रेट, वीक्षक और पुलिस बल की तैनाती के बीच परीक्षा आयोजित हुई। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी की, जबकि पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
प्रवेश के दौरान सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। इसी प्रक्रिया में 10 अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक उनके रिकॉर्ड से मेल नहीं खाया। इसके बाद उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि ये अभ्यर्थी किसी दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे। हालांकि तकनीकी गड़बड़ी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 10 बजे से शुरू हुई, जबकि दूसरी पाली दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक चली। परीक्षा समाप्त होने के बाद भी संदिग्ध अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड का मिलान जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






