ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी से जुड़े प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। एकेडमी के संचालक रौशन आनंद ने खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक नामजद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
रौशन आनंद ने कदमकुआं थाना में लिखित आवेदन देकर अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत, खुद को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने और जेल के भीतर जान से मारने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है। आवेदन में फैजल खान उर्फ खान सर, डॉ. रामाशंकर प्रसाद, कन्हैया कुमार सिंह समेत अन्य लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है।
रौशन आनंद के अनुसार, उनका कोचिंग संस्थान मुसल्लहपुर हाट में स्थित है, जिसके बगल में खान सर का संस्थान संचालित होता है। उन्होंने बताया कि 2 जून की रात दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के बीच पोस्टर हटाने को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। उनका दावा है कि उस समय वह, उनके भाई प्रिंस यादव और अभिषेक घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि 15 जून को जेल से रिहा होने के बाद भाई का अंतिम संस्कार करने के उपरांत उन्होंने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
बुधवार देर शाम रौशन आनंद अपने वकील और समर्थकों के साथ कदमकुआं थाना पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिस ने कई घंटे तक थाने में बैठाए रखा, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके विरोध में उन्होंने थाना परिसर में धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
धरने में शामिल छात्रों ने भी रौशन आनंद के समर्थन में नारेबाजी की। वहीं उनके वकील ने आरोप लगाया कि पहले पुलिस ने शिकायत मिलते ही रौशन आनंद को जेल भेज दिया था, लेकिन अब उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले ने शैक्षणिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और रौशन आनंद के अल्टीमेटम पर टिकी हुई है।






