बिहार पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला एक गंभीर मामला भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिला से सामने आया है। रंगरा थाना क्षेत्र में तैनात पुलिस गश्ती टीम पर एक ट्रक चालक ने अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा निवासी ट्रक चालक सुरेंद्र यादव अपने ट्रक से नवगछिया की ओर जा रहे थे। आरोप है कि रात के समय रंगरा थाना क्षेत्र में गश्ती कर रही पुलिस टीम ने उन्हें रोक लिया और पैसे की मांग की। चालक का आरोप है कि जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो पुलिसकर्मियों ने उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया। इसके लिए दुर्घटना और शव से जुड़े एक कथित मामले में फंसाने की बात कही गई।
ट्रक चालक ने आरोप लगाया कि बाद में एक युवती को बुलाकर उसके साथ वीडियो बनाया गया और उसे बदनाम करने तथा झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर पैसों की मांग की गई। चालक का कहना है कि वह युवती को जानता तक नहीं था। आरोप के अनुसार पहले ₹30 हजार की मांग की गई, जिसके बाद सौदेबाजी कर रकम ₹18,500 तय हुई।
चालक के अनुसार उसे एक पेट्रोल पंप पर ले जाकर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा गया। भुगतान नहीं हो पाने पर उसके मोबाइल खाते की जांच कर ₹18,300 नकद ले लिए गए। साथ ही पुलिस वाहन में ₹300 का डीजल भरवाने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले की शिकायत सीधे नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा तक पहुंची। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल जांच कर रंगरा थाना में पदस्थापित दरोगा धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं ड्यूटी पर मौजूद तीन होमगार्ड जवानों को छह माह के लिए हटाने के साथ-साथ संबंधित निजी चालक पर भी कार्रवाई की गई है।
इस घटना ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई को पुलिस की जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संवाददाता : रजनीश कुमार





