पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद बेल मंजूर कर ली। लगातार दो बार सुनवाई टलने के बाद इस फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। अदालत के आदेश के बाद अब रौशन आनंद करीब 12 दिनों बाद जेल से बाहर आएंगे।
रौशन आनंद खान सर कोचिंग से जुड़े विवाद और कथित मारपीट मामले में आरोपी बनाए गए थे। उन पर कोचिंग संस्थान पर हमला कराने और सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट कराने का आरोप लगाया गया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज दिया था। जमानत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
सुनवाई के दौरान पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने अदालत में अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने भी मामले को लेकर दोनों पक्षों को नसीहत दी। अदालत ने कहा कि दोनों शिक्षा जगत से जुड़े लोग हैं और उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, न कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। वहीं रौशन आनंद के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल घटना में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि साजिश की बात कही जा रही है तो सुरक्षा गार्ड की कथित फायरिंग के मुद्दे को क्यों नजरअंदाज किया गया।
इधर, रौशन आनंद को जमानत मिलने की खबर ऐसे समय में आई है जब उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके भाई प्रिंस यादव का शव रविवार को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। इस मामले की जांच नेपाल पुलिस कर रही है और प्रिंस के साथ मौजूद एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर सहरसा जिले के धमसेना गांव लाया गया है, जहां परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रौशन आनंद भी जेल से रिहा होने के बाद सीधे अपने गांव पहुंचेंगे। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।





