मुजफ्फरपुर में एक अनोखा घर इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर के सिकंदरपुर कुंडल इलाके में स्थित यह मकान अपनी छत पर बनी नावनुमा पानी की टंकी के कारण दूर-दूर तक पहचान बना चुका है। घर को देखने वाले पहली नजर में यही समझते हैं कि मानो किसी जलाशय पर एक बड़ी नाव तैर रही हो।
रामेश्वर सिंह महाविद्यालय के पास रहने वाले राजेश कुमार रोशन ने अपने चार मंजिला मकान की छत पर लगभग 5000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी को नाव का आकार दिया है। इसकी डिजाइन, रंग और फिनिशिंग इतनी आकर्षक है कि दूर से देखने पर यह असली नाव जैसी दिखाई देती है। राहगीर यहां रुककर तस्वीरें लेते हैं और इसकी खूबसूरती की सराहना करते हैं।
“मुझे हमेशा कुछ अलग करने का शौक रहा है। पंजाब और अन्य राज्यों की यात्रा के दौरान मैंने लोगों के घरों पर अलग-अलग आकृतियों वाली पानी की टंकियां देखीं। वहीं से प्रेरणा मिली और मैंने नाव के आकार की टंकी बनवाने का फैसला किया।”
शुरुआत में लोगों को यह समझ नहीं आया कि छत पर नाव क्यों बनाई जा रही है। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद यह घर पूरे इलाके की पहचान बन गया। अब लोग किसी को पता बताने के लिए कहते हैं—‘नाव वाले घर के पास आ जाइए।’ इससे बाहर से आने वाले लोगों और डिलीवरी कर्मियों को भी घर ढूंढ़ने में आसानी होती है।
सोशल मीडिया पर भी ‘नाव वाला घर’ तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग यहां सेल्फी और वीडियो बनाकर साझा कर रहे हैं। कई लोग इसकी लागत और निर्माण करने वाले कारीगर की जानकारी लेने भी पहुंचते हैं।
अपनी अनोखी सोच और रचनात्मक डिजाइन के कारण राजेश कुमार रोशन का ‘नाव वाला घर’ आज मुजफ्फरपुर की नई पहचान बन चुका है। यह घर न सिर्फ लोगों के आकर्षण का केंद्र है, बल्कि शहर का चर्चित सेल्फी प्वाइंट और नया लैंडमार्क भी बन गया है।





