कॉरपोरेट नौकरी छोड़ सेना की वर्दी चुनी, सीतामढ़ी के सौरभ बने लेफ्टिनेंट

सीतामढ़ी: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के ऐतिहासिक चैटवुड ग्राउंड में आयोजित 158वीं पासिंग आउट परेड बिहार के सीतामढ़ी निवासी सौरभ चौधरी और उनके परिवार के लिए यादगार बन गई। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और वर्षों की मेहनत के बाद सौरभ भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। उनके कंधों पर सितारे सजते ही परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

सौरभ की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक अच्छी कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर सेना में अधिकारी बनने का सपना चुना। उन्होंने सुविधाजनक करियर को पीछे छोड़ राष्ट्रसेवा का रास्ता अपनाया और अपने लक्ष्य को हासिल कर दिखाया। सौरभ का कहना है कि सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना उनका बचपन का सपना था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने हर चुनौती का सामना किया।

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पासिंग आउट परेड के बाद सौरभ ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, प्रशिक्षकों और मित्रों को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सभी का सहयोग और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। सौरभ के अनुसार, यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे परिवार की वर्षों की मेहनत, त्याग और इंतजार का परिणाम है।
“आज जब मेरे कंधों पर सितारे सजे हैं तो यह सिर्फ मेरी नहीं, पूरे परिवार की जीत है। वर्षों की मेहनत, त्याग और इंतजार के बाद यह दिन आया है, जो मुझे गर्व और संतोष से भर देता है।”

158वीं पासिंग आउट परेड में कुल 515 जेंटलमैन कैडेटों को भारतीय सेना में कमीशन मिला। अब ये सभी युवा अधिकारी देश की सुरक्षा और सेवा की जिम्मेदारी निभाएंगे। चैटवुड ग्राउंड पर आयोजित इस भव्य समारोह ने सैन्य परंपराओं, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की शानदार झलक पेश की।

सौरभ चौधरी की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। सीतामढ़ी के इस युवा ने साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और देश के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अब उनके जीवन में देश सेवा का नया अध्याय शुरू हो चुका है।

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