4236 पदों की भर्ती परीक्षा में उमड़ी भीड़, आसान रहा पेपर; अब 17 जून की परीक्षा पर नजर

पटना: बिहार पुलिस के मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के 4236 पदों पर भर्ती के लिए रविवार को पहले चरण की लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। राज्यभर में दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा के लिए करीब 15 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिसके चलते परीक्षा केंद्रों पर भारी भीड़ देखने को मिली।

पटना के बीएन कॉलेज समेत विभिन्न केंद्रों से बाहर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को आसान से मध्यम स्तर का बताया। अभ्यर्थियों के अनुसार सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान और करंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्न अधिक संख्या में पूछे गए थे। कई उम्मीदवारों ने कहा कि यह केवल क्वालीफाइंग परीक्षा है, इसलिए इसे पास करना ज्यादा कठिन नहीं होगा।

मधुबनी से आए रविशंकर कुमार ने बताया कि प्रश्नपत्र संतुलित था और लगभग सभी विषयों को शामिल किया गया था। वहीं विकास कुमार ने कहा कि देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पहली महिला राष्ट्रपति तथा ग्रैमी पुरस्कारों से जुड़े सवाल पूछे गए थे। उनका मानना है कि नियमित तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा अपेक्षाकृत आसान रही होगी।

अभ्यर्थी करण कुमार के अनुसार जीके और जीएस के अधिकांश प्रश्न बुनियादी स्तर के थे। गोरखपुर से पहुंचे गौरव पांडे ने बताया कि बिहार से जुड़े विषयों और राष्ट्रीय घटनाओं पर विशेष फोकस देखने को मिला। वहीं सुजीत कुमार ने कहा कि दो घंटे की परीक्षा में 120 अंकों के 120 प्रश्न पूछे गए, जिनमें पुरस्कार और सम्मान से जुड़े प्रश्नों की संख्या अधिक थी।

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हालांकि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने नाराजगी भी जताई। इटावा के रवि कुमार ने कहा कि अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि वे परीक्षा के बाद अपने उत्तरों का मिलान कर सकें।

परीक्षा शुरू होने से पहले कई केंद्रों के बाहर अफरातफरी का माहौल भी देखने को मिला। ट्रेनों और बसों में भीड़ के कारण कई अभ्यर्थियों को समय पर केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर प्रवेश प्रक्रिया को लेकर हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई।

अब भर्ती परीक्षा का अगला चरण 17 जून को दो पालियों में आयोजित होगा। पहले दिन की परीक्षा देकर निकले अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर आसान रहा और अब उनकी निगाहें परिणाम के साथ-साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा पर टिकी हैं।

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