देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) ने काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड का सीट आवंटन परिणाम जारी कर दिया है। इसके साथ ही IIT, NIT, IIIT और अन्य सरकारी तकनीकी संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया तेज हो गई है।
पहले राउंड के कटऑफ से साफ हो गया है कि कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) की मांग अब भी सबसे अधिक है। IIT बॉम्बे में बीटेक CSE की क्लोजिंग रैंक 65, IIT दिल्ली में 123 और IIT मद्रास में 149 रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि शीर्ष IIT में सीट हासिल करने के लिए छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
इस वर्ष करीब दो लाख अभ्यर्थियों ने JoSAA काउंसलिंग में भाग लिया है और 2.7 करोड़ से अधिक विकल्प भरे गए हैं। काउंसलिंग के जरिए देश के 23 IIT, 31 NIT, 26 IIIT, IIEST शिबपुर और 56 GFTI समेत कुल 138 संस्थानों की 67 हजार से अधिक सीटों पर दाखिला होगा।
पहले राउंड में सीट पाने वाले अभ्यर्थी 13 जून से 26 जून तक ऑनलाइन रिपोर्टिंग कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें दस्तावेज अपलोड करने, शुल्क जमा करने और सीट स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस बार रिपोर्टिंग के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने से छात्रों को काफी राहत मिलेगी।
शिक्षा विशेषज्ञ विकास चौहान के अनुसार, छात्रों को केवल संस्थान के नाम के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि अपनी रुचि, ब्रांच की संभावनाओं और भविष्य की करियर योजना को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साइंस नहीं मिलने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी उभरती शाखाएं भी बेहतर विकल्प हो सकती हैं।
JoSAA काउंसलिंग कुल छह चरणों में आयोजित होगी। दूसरा सीट आवंटन 30 जून को जारी किया जाएगा। जिन छात्रों को मनपसंद सीट नहीं मिली है, वे फ्लोट और स्लाइड विकल्प का उपयोग कर आगामी राउंड में बेहतर संस्थान या ब्रांच हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। आने वाले कुछ सप्ताह लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।





