क्रिकेट की दुनिया में सूर्यवंशी परिवार से एक और उभरता सितारा सामने आया है। महज 10 साल की उम्र में आशीर्वाद सूर्यवंशी ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। प्रैक्टिस मैच में आशीर्वाद ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 87 गेंदों पर 103 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 20 चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा। 118.39 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और विपक्षी गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
आशीर्वाद ने अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े स्तर पर खेलने की पूरी क्षमता मौजूद है। उनकी पारी का अंत तब हुआ जब उन्होंने प्रशांत राज की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया और आयुष सिंह के हाथों कैच आउट हो गए। हालांकि तब तक वह अपना पहला शतक पूरा कर चुके थे और मैदान में मौजूद सभी लोगों की वाहवाही बटोर चुके थे।
आशीर्वाद की इस उपलब्धि पर उनके पिता संजीव सूर्यवंशी बेहद खुश नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आशीर्वाद ने आज प्रैक्टिस मैच में अपना पहला शतक बनाया है। उन्होंने सभी लोगों से अपने छोटे बेटे पर भी प्यार और आशीर्वाद बनाए रखने की अपील की।
संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि उनका सपना है कि आने वाले दो वर्षों में आशीर्वाद भी अपने बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी की तरह एक बेहतरीन क्रिकेटर बने। उन्होंने कहा कि परिवार पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आशीर्वाद के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है।
गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी तीन भाइयों में मंझले हैं। बड़े भाई का नाम उज्ज्वल सूर्यवंशी है, जबकि आशीर्वाद सबसे छोटे हैं। आशीर्वाद भी क्रिकेट की नियमित ट्रेनिंग ले रहे हैं और अपने बड़े भाई की तरह आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। उनके पहले शतक ने यह संकेत दे दिया है कि सूर्यवंशी परिवार से क्रिकेट को एक और प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिलने वाला है।






