धनबाद: आगामी मानसून को देखते हुए धनबाद बिजली विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो तथा किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके, इसके लिए विभाग ने जिलेभर में विशेष अभियान शुरू किया है। बिजली विभाग के महाप्रबंधक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि मानसून के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
महाप्रबंधक ने कहा कि बिजली तारों के आसपास मौजूद पेड़ों की छंटाई और कटाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अक्सर बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली तारों पर गिर जाती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया है।
उन्होंने बताया कि जिले के कई इलाकों में पुराने और जर्जर बिजली तारों को बदला जा रहा है। इसके अलावा खराब इंसुलेटर, विद्युत उपकरणों और अन्य तकनीकी संसाधनों को भी दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि बारिश के मौसम में तकनीकी खराबियों को न्यूनतम किया जा सके। विभाग की टीम सभी विद्युत उपकेंद्रों, फीडरों और ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच कर रही है और जहां भी कोई कमी पाई जा रही है, उसे तत्काल दूर किया जा रहा है।
बिजली विभाग ने मानसून के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का भी गठन किया है। तेज बारिश, आंधी या अन्य कारणों से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने पर यह टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम करेगी।
अशोक कुमार सिन्हा ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं बिजली का तार झुका हुआ दिखाई दे, खंभा क्षतिग्रस्त हो या कोई अन्य तकनीकी समस्या नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। साथ ही लोगों को बारिश के दौरान टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहने और उन्हें छूने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।
विभाग का दावा है कि इन तैयारियों और सतत निगरानी के कारण इस बार मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर और सुरक्षित रहेगी।
संवाददाता : नीतीश कुमार
स्थान : धनबाद






