सहरसा: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार और इसके उपयोगिता पर विचार-विमर्श को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रबुद्धजनों के साथ योजना के व्यापक क्रियान्वयन और जनजागरूकता बढ़ाने पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अपरंपरागत ऊर्जा स्रोतों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोत सीमित होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक साबित हो रहे हैं। ऐसे में भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए सौर ऊर्जा को अपनाना जरूरी है।
बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली बिल को कम करना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत 1 किलोवाट सिस्टम पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000 तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक पर अधिकतम ₹78,000 तक की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके माध्यम से लगभग 300 यूनिट तक मासिक बिजली आवश्यकता को सौर ऊर्जा से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर लाभ प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
पात्रता के अनुसार आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए, उसके नाम पर आवासीय घर और उपयुक्त छत होनी चाहिए तथा वैध बिजली कनेक्शन आवश्यक है। साथ ही पहले किसी अन्य सौर सब्सिडी का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया में आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कर DISCOM से स्वीकृति लेना, अधिकृत विक्रेता से सोलर सिस्टम लगवाना तथा निरीक्षण के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त करना शामिल है।
बैठक में प्रबुद्धजनों से अपील की गई कि वे इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें और आम लोगों को इसका लाभ दिलाने में सहयोग करें। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।संवाददाता : इंद्रदेव जी
स्थान : सहरसा





