भागलपुर: जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि बंदोबस्त, परिमार्जन प्लस और ई-मापी से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर समाहर्ता दिनेश राम ने जानकारी दी कि दाखिल-खारिज के मामलों में प्रगति दर्ज की गई है और अब तक लगभग 3100 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। इसके बावजूद कई मामलों के लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने दाखिल-खारिज मामलों की निगरानी के लिए चार अलग-अलग अवधि निर्धारित की। इसमें 90 दिन से अधिक, 75 दिन से अधिक, 60 दिन से अधिक और 35 दिन से अधिक लंबित मामलों की श्रेणी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि 17 जून तक 60 दिन से अधिक पुराने एक भी मामले किसी भी अंचल में लंबित नहीं रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन अंचलों में 35 दिन से अधिक के मामले लंबित हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर दाखिल-खारिज कार्यों को तेजी से निपटाया जाए। इसके लिए शाम के समय विशेष शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
ई-मापी कार्य की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रत्येक अमीन को प्रतिदिन कम से कम दो ई-मापी कार्य पूरे करने होंगे। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अमीनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन अनिवार्य है।
संवाददाता : रजनीश कुमार
स्थान : भागलपुर





