नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन तेज, मंगलवार से आमरण अनशन की चेतावनी
सहरसा: नवहट्टा प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर चल रहा जनआंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को डिग्री कॉलेज संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने शांतिपूर्ण धरना-सत्याग्रह किया और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग उठाई।
धरना में शामिल लोगों का कहना था कि सरकार द्वारा नवहट्टा डिग्री कॉलेज को कासीमपुर पंचायत में प्रस्तावित किया गया है, जिसका क्षेत्र के लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का तर्क है कि कॉलेज की स्थापना प्रखंड मुख्यालय में होने से सभी पंचायतों के छात्र-छात्राओं को समान रूप से लाभ मिलेगा, जबकि दूसरे स्थान पर कॉलेज बनने से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय में कॉलेज संचालन के लिए पर्याप्त भूमि, भवन, सड़क संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कॉलेज को मुख्यालय से बाहर स्थापित करने का प्रस्ताव स्थानीय लोगों की समझ से परे है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को राजनीतिक या प्रशासनिक सुविधा के बजाय छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर तय किया जाना चाहिए।
धरना के दौरान संघर्ष समिति के सदस्य बब्बु सिंह और सुनील सिंह ने प्रशासन एवं सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो मंगलवार से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिग्री कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में स्थापित किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक कॉलेज की मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द उचित निर्णय लेना चाहिए।
डिग्री कॉलेज का मुद्दा अब नवहट्टा में जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मंगलवार से प्रस्तावित आमरण अनशन को देखते हुए प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।