मुजफ्फरपुर में प्रशासन का बड़ा एक्शन, 13 निजी नर्सिंग होम किए गए सील
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने स्वास्थ्य एवं लाइसेंस संबंधी नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में 13 निजी नर्सिंग होम और स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिले के एक निजी अस्पताल में हुई भीषण आग की घटना के बाद की गई है, जिसमें आईसीयू में भर्ती सात मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर अस्पतालों की जांच शुरू की। इस दौरान पाया गया कि कई निजी अस्पताल निर्धारित सुरक्षा मानकों और आवश्यक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इसी आधार पर शुक्रवार को एक निजी अस्पताल को सील किया गया, जबकि शनिवार को 12 अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
अनुमंडलीय अधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार ने बताया कि श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) के आसपास संचालित कई निजी अस्पतालों के संबंध में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को सील कर दिया।
प्रशासन ने अस्पतालों के निरीक्षण के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों में जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, अग्निशमन विभाग के प्रतिनिधि तथा सिविल सर्जन कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। टीमों को अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, लाइसेंस, भवन सुरक्षा और अन्य आवश्यक मानकों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी अस्पताल को सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि जिस निजी अस्पताल में आग लगने से सात मरीजों की मौत हुई थी, उसका पंजीकरण पहले ही निलंबित किया जा चुका है। प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य संस्थानों में जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।