पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले में ग्रुप लोन दिलाने के नाम पर सैकड़ों महिलाओं से कथित ठगी का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 300 महिलाओं से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने की आशंका है।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें डेढ़ लाख रुपये तक का ग्रुप लोन दिलाने का लालच दिया गया था। इसके लिए प्रत्येक महिला से 5-5 हजार रुपये जमा कराए गए और बैंक खाता, आधार कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लिए गए। महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही उनके खातों में लोन की राशि भेज दी जाएगी।
कुछ दिनों बाद जब महिलाएं गुलाबबाग जीरोमाइल स्थित कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लटका मिला। कार्यालय बंद मिलने के बाद महिलाओं को ठगी का एहसास हुआ। आरोप है कि संस्था के संचालक और एजेंट रुपये लेकर फरार हो गए हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
मामले में जानकीनगर निवासी कल्याणी कुमारी ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, 3 जून को माइक्रोफाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधियों ने लोन दिलाने का आश्वासन देकर नकद राशि ली थी। बैंक खाता खोलने और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया के नाम पर पैसे वसूले गए, लेकिन न तो खाता खुला और न ही कोई लोन मिला।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने माइक्रोफाइनेंस कंपनी, उसके कथित संचालक और एक एजेंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(2) और 336(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। साथ ही मकान मालिक और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पीड़ित महिलाएं अपनी जमा राशि वापस दिलाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं।