विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का उद्घाटन, कोसी-सीमांचल को मिली बड़ी राहत
भागलपुर। गंगा नदी पर बने बिहार के महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु पर आज बेली ब्रिज का औपचारिक उद्घाटन कर दिया गया। बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बेली ब्रिज का उद्घाटन करते हुए इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से बाधित आवागमन एक बार फिर से बहाल हो गया है, जिससे कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को कोसी और सीमांचल क्षेत्र से जोड़ने वाला एक प्रमुख पुल है। करीब 4.7 से 4.88 किलोमीटर लंबा यह पुल हजारों गांवों, व्यापारियों, किसानों और आम यात्रियों के लिए जीवनरेखा माना जाता है। मई 2026 में पुल के पिलर संख्या 133 के स्लैब का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया था। इससे लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने सीमा सड़क संगठन (BRO) की मदद ली। BRO की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से पर चार बेली ब्रिज का निर्माण किया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बेली ब्रिज का सफल ट्रायल भी किया गया, जिसमें भारी वाहनों की आवाजाही का परीक्षण किया गया।
उद्घाटन समारोह के दौरान मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि सरकार जनता की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने BRO की टीम और सभी तकनीकी विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से कम समय में यह महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो सका।
बेली ब्रिज शुरू होने के साथ ही भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी पुल पर यातायात बहाल होने पर खुशी जताई और सरकार तथा BRO के प्रयासों की सराहना की।