सहरसा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सैनिक परिवारों के लिए बड़ी सौगात मिली है। केन्द्रीय विद्यालय के समीप जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी द्वारा उद्घाटित इस कार्यालय के शुरू होने से अब सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले के पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सैनिक कल्याण से जुड़ी सुविधाओं के लिए भागलपुर नहीं जाना पड़ेगा।
उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैनिक विधवाएं और उनके आश्रित शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल संजय कुमार ने की। इस दौरान जिलाधिकारी का स्वागत मधुबनी पेंटिंग की चादर भेंट कर किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सैनिक केवल देश की सीमाओं के प्रहरी नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और त्याग के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय उन वीर जवानों के सम्मान का प्रतीक है जिन्होंने राष्ट्र रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। अब पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को पेंशन, दस्तावेज सत्यापन, शिकायत निवारण तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूसरे जिले का रुख नहीं करना पड़ेगा।
जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल संजय कुमार ने कहा कि यह कार्यालय पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के लिए सहायता एवं मार्गदर्शन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां पेंशन, रोजगार, चिकित्सा सहायता और अन्य सरकारी सुविधाओं से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
पूर्व सैनिकों ने इस पहल को जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए खुशी जताई। अधिकारियों ने कहा कि कार्यालय के संचालन से सैनिक परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। राष्ट्रभक्ति, सम्मान और सेवा की भावना से ओतप्रोत यह समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।






