भागलपुर सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) का 17वां स्थापना दिवस बुधवार को पूरे उत्साह, गरिमा और उल्लास के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य समारोह का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कृषि शिक्षा, अनुसंधान और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
समारोह के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार रहे। कार्यक्रम में भागलपुर सांसद अजय मंडल, कहलगांव विधायक शुभानंद मुकेश, शुड्डू साईं सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद, प्रगतिशील किसान, पूर्व छात्र तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी समारोह में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वर्ष 2010 में स्थापित बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने पिछले 16 वर्षों में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार नए-नए शोध और तकनीकों पर कार्य कर किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध करा रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कृषि रोडमैप के तहत लगातार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। इसी का परिणाम है कि राज्य ने कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। धान, दलहन और अन्य फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने विश्वविद्यालय से भविष्य में भी किसानों के हित में नवाचार और शोध कार्यों को और गति देने की अपील की।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित प्रस्तुति दी गई। कृषि अनुसंधान, नवाचार और किसानों के उत्थान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, शिक्षकों, प्रगतिशील किसानों तथा अन्य प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का समापन कृषि विकास और किसानों की समृद्धि के संकल्प के साथ हुआ।





