औरंगाबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जिले के गोह प्रखंड स्थित बंदेया थाना क्षेत्र में तालाब खुदाई कार्य के दौरान लेवी मांगने और मजदूरों को धमकाने के आरोप में 6 कथित नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 4 गया जिले और 2 औरंगाबाद जिले के निवासी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका किसी नक्सली संगठन या संगठित आपराधिक गिरोह से सीधा संबंध है या नहीं।
जानकारी के अनुसार, चपरा गांव में तालाब खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने नक्सलियों के नाम पर धमकी भरा पत्र देकर लेवी की मांग की थी। मामले में बंदेया थाना कांड संख्या 53/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि 27 मई 2026 की रात करीब एक बजे खुदाई कार्य में लगे कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग स्वयं को नक्सली बताकर काम बंद करने, मशीनें जलाने और मजदूरों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। आरोपियों ने यह भी दावा किया था कि पिछले वर्ष भी इसी तरह पर्ची देकर काम रुकवाया गया था।
सूचना मिलते ही बंदेया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद पुलिस तथा एसटीएफ की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण, खुफिया सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
जांच के दौरान गया जिले के टिकारी थाना क्षेत्र से उदय कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अन्य साथियों के नाम बताए। उसकी निशानदेही पर संटू यादव समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो देसी कट्टे, एक थरनेट और एक मासकेट राइफल भी बरामद की।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपनी भूमिका स्वीकार की है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इनके संभावित नक्सली और आपराधिक नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।