जामताड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़; 3 शातिर अपराधी गिरफ्तार
साइबर अपराध के लिए देशभर में चर्चित जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में छापेमारी कर तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी बैंक ग्राहकों को झांसे में लेकर ई-वॉलेट के माध्यम से उनके खातों से पैसे उड़ाने का काम करते थे।
साइबर डीएसपी अमित रविदास ने प्रेस वार्ता में बताया कि साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल एवं पुलिस अवर निरीक्षक चन्द्रमणि भारती के नेतृत्व में गठित टीम ने पिण्डारी, सकलपुर एवं तिलैया (केन्दुआटांड़) गांवों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पिण्डारी दास टोला निवासी प्रीतम दास (25), विनोद दास (23) तथा बरमुण्डी निवासी मो. तुफान उर्फ तुफान अंसारी (28) को साइबर अपराध करते हुए गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में प्रयुक्त 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। जब्त उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क तक पहुंच बनाई जा सके।
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को एचडीएफसी बैंक, एसबीआई तथा अन्य बैंकों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे केवाईसी अपडेट, डेबिट-क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड सक्रिय कराने का झांसा देकर बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद ई-वॉलेट और अन्य डिजिटल माध्यमों से खातों से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाया जाता था। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 31/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023, आईटी एक्ट तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
डीएसपी अमित रविदास ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति को फोन पर ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, सीवीवी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।