पटना : बिहार की राजधानी पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास एक बार फिर राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने साफ शब्दों में कहा है कि वह किसी भी कीमत पर यह आवास खाली नहीं करेंगी। दिल्ली से पटना लौटते ही उन्होंने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा, “फोर्स बुलाकर खाली कराएं, हम आवास नहीं छोड़ेंगे।”
करीब दो दशकों से 10 सर्कुलर रोड लालू परिवार का प्रमुख राजनीतिक और पारिवारिक ठिकाना रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों का संचालन भी इसी आवास से होता रहा है। यही वजह है कि परिवार का इस बंगले से विशेष भावनात्मक जुड़ाव माना जाता है।
दरअसल, राज्य सरकार ने इस आवास को खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। भवन निर्माण विभाग ने हाल ही में आदेश जारी कर 10 सर्कुलर रोड का आवंटन पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम के नाम कर दिया है। इससे पहले भी राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए नोटिस भेजा जा चुका है।
इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस आवास में बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और राबड़ी देवी वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष की नेता भी हैं।
वहीं भाजपा के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि सरकारी संपत्ति पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद आवास खाली क्यों नहीं किया जा रहा है।
इधर, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है और सभी को सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए।
अब 10 सर्कुलर रोड का मामला केवल आवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच नई बहस का विषय बन गया है।