अक्सर चर्चाओं और विवादों में रहने वाले सहरसा नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार के नेतृत्व में हुए इस निर्वाचन के बाद सात सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति का गठन पूर्ण हो गया। निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर पार्षदों और प्रत्याशियों में पूरे दिन उत्साह का माहौल बना रहा।
सहरसा नगर निगम की सात सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए कुल आठ प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सात पदों के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में रह गए। इनमें छह पदों पर केवल एक-एक प्रत्याशी होने के कारण सभी छह उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
वहीं समिति के एक शेष पद के लिए रंजना देवी और दीक्षा भारती के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इस पद के लिए नगर निगम के 45 वार्ड पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान समाप्त होने के बाद सभी प्रत्याशियों और पार्षदों की उपस्थिति में मतपेटी खोली गई और मतगणना की प्रक्रिया शुरू की गई।
मतगणना के दौरान दो मत अमान्य पाए गए। इसके बाद वैध मतों की गिनती में रंजना देवी को 38 वोट प्राप्त हुए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी दीक्षा भारती को मात्र 5 मत मिले। इस तरह रंजना देवी ने 33 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए सशक्त स्थायी समिति की सदस्य निर्वाचित होने का गौरव हासिल किया।
निर्वाचन परिणाम की घोषणा के साथ ही नगर निगम की सात सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति का गठन आधिकारिक रूप से पूरा हो गया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार की निगरानी में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई।
वहीं जीत के बाद निर्वाचित सदस्य रंजना देवी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र का विकास उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी पार्षदों का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा और नगर निगम के विकास कार्यों को गति देने के लिए समिति सक्रिय भूमिका निभाएगी।