पटना: सरकारी ठेकों में कथित हेराफेरी, रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चर्चित ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद आरोपी को निगरानी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 11 जून तक न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया।
एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दाराद ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एसवीयू थाना कांड संख्या-05/2025, दिनांक 30 अप्रैल 2025 को दर्ज किया गया था। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, शासकीय गुप्तता अधिनियम 1923 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी एक निजी कंपनी का मालिक है और पटना के मीठापुर इलाके में रहता है। आरोप है कि उसने जल संसाधन विभाग में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अहमदाबाद की एक कंपनी को कमीशन लेकर टेंडर दिलाया। बाद में उसी काम को अपने करीबी के जरिए दूसरी कंपनी को ट्रांसफर कर दिया गया।
एसवीयू अधिकारियों ने दावा किया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ विदेश भागने की तैयारी में था। एजेंसी को आशंका थी कि वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है और गवाहों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए त्वरित कार्रवाई की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जल संसाधन विभाग के अलावा भवन निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बीएमएसआईसीएल में भी प्रभाव का इस्तेमाल कर टेंडर हासिल करता था और अधिकारियों को रिश्वत देता था।
27 मई 2026 को न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद एसवीयू टीम ने आरोपी के पटना स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। इस दौरान करीब ढाई लाख रुपये नकद, सोने-चांदी और हीरे के करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषण, बैंक से जुड़े दस्तावेज और 47 जमीनों के मूल कागजात बरामद किए गए।
एडीजी पंकज कुमार दाराद ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।