सहरसा जिले में मनोर पुल के समीप बने एप्रोच पथ को तोड़े जाने के प्रस्ताव के खिलाफ वनगांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला सड़क परियोजना का मुख्य उद्देश्य उग्रतारा स्थान से उच्चैठ स्थित भगवती स्थान को जोड़ना था। मनोर पुल के पास एप्रोच पथ बनने से स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिली थी और आवागमन भी सुगम हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर यह एप्रोच पथ बनाया गया था, जिससे लोगों में खुशी थी, लेकिन अब अंचल अधिकारी द्वारा इसे तोड़ने का प्रस्ताव लाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
धरना पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगभग 40 महादलित परिवारों के लिए अब तक सड़क निर्माण की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। साथ ही संवेदक पर भी कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थल जांच के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि एप्रोच पथ को हटाया गया तो आम लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना हाईवे पार करना पड़ेगा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।