झारखंड के बोकारो जिले में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक खास पहल देखने को मिली। नमामि गंगे योजना के तहत जिला गंगा समिति बोकारो द्वारा वॉकथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग शामिल हुए।
इस वॉकथॉन का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल स्रोतों के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के बाद गरगा नदी स्थित हेल्पिंग हैंड छठ घाट पर सफाई अभियान भी चलाया गया, जहां उपस्थित लोगों ने मिलकर घाट और आसपास के क्षेत्र की सफाई की।
इस पूरे कार्यक्रम की अगुवाई बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने की। उनके साथ उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार समेत जिले के कई अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर लोगों को साफ-सफाई और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
इस मौके पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि आज के समय में पृथ्वी को बचाने की जरूरत सबसे ज्यादा है। उन्होंने झारखंड की पहचान “जल, जंगल और जमीन” से जुड़ी होने की बात कही और लोगों से अपील की कि वे इस सोच को आगे बढ़ाएं। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के विचारों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धरती को बचाने के लिए खुद को उसका पिता माना था, और हमें भी उसी भावना से काम करना चाहिए।
वहीं उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों को लेकर संघर्ष की आशंका जताई जाती रही है, इसलिए अभी से इन संसाधनों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सफाई और पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का काम नहीं है, बल्कि इसे एक निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाना होगा।
बहरहाल, बोकारो में आयोजित यह वॉकथॉन और सफाई अभियान लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती देगा।
संवाददाता: चंदन सिंह, बोकारो
