भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत राजंदीपुर पंचायत के वार्ड नंबर 4 में नल-जल योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है। भीषण गर्मी में यहां के ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। करीब 60 से 70 घरों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, लेकिन अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड में लगी नल-जल योजना की टोटी पूरी तरह टूट चुकी है और पाइपलाइन से पानी नहीं आता। दो हैंडपंप लगाए गए थे, लेकिन उससे निकलने वाला पानी बदबूदार था। मजबूरी में लोग वही पानी पीते थे, जिससे कई छोटे बच्चे बीमार पड़ गए। अब दोनों हैंडपंप भी खराब हो चुके हैं। हालत यह है कि लोग दो किलोमीटर दूर से घरेलू उपयोग के लिए पानी ढोकर ला रहे हैं, जबकि पीने का पानी करीब 10 किलोमीटर दूर से डब्बों में लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में पिछले 20 वर्षों से सड़क नहीं बनी है। लोग फूस के घरों में रहने को मजबूर हैं। वार्ड की महिला धनवंती देवी ने बताया कि उन्होंने कई बार पंचायत की मुखिया गीता देवी और वार्ड सदस्य निर्मल कुमार को समस्या से अवगत कराया, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि मामला प्रखंड विकास पदाधिकारी और पीएचडी विभाग के अधीन है।
धनवंती देवी के घर के पास लगा बिजली ट्रांसफार्मर भी खतरे का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार ट्रांसफार्मर से अक्सर चिंगारी निकलती रहती है और बारिश या बाढ़ के समय पूरे इलाके में करंट फैलने का डर बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के कई वार्डों में नल-जल योजना बंद पड़ी है, लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि इस भीषण गर्मी में पंचायत प्रतिनिधि और सबौर प्रखंड प्रशासन ग्रामीणों की प्यास कब बुझा पाते हैं।
भागलपुर के राजंदीपुर में पानी के लिए हाहाकार, तीन साल से नल-जल योजना ठप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश


