धनबाद : जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्तर पंचायत के बाउरी टोला में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। 13 वर्षीय किशोरी रंपा बाउरी का शव बंद खदान के पानी से घटना के पांचवें दिन बरामद किया गया। मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार 28 अप्रैल को रंपा बाउरी घर के पास स्थित ईसीएल की बंद खदान में नहाने गई थी। इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूबने से लापता हो गई। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू की। जब पता चला कि वह खदान में नहाने गई थी, तब ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए खदान में उतरकर रंपा को खोजने और बचाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अगले दिन स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने घंटों तक पानी में तलाश अभियान चलाया, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया। टीम ने कई दिनों तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बंद खदान के गहरे और खतरनाक पानी के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
आज घटना के पांचवें दिन अचानक रंपा बाउरी का शव खदान के पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही चिरकुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुट गई है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बंद खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसी परित्यक्त खदानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण अक्सर लोग वहां पहुंच जाते हैं और हादसे का शिकार बनते हैं।
संवाददाता : नीतीश कुमार, धनबाद
