बिहार में दुर्लभ खनिज तत्वों के भंडार मिलने के बाद राज्य में खनन गतिविधियों को लेकर नई उम्मीद जगी है। बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य के कई जिलों में महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिज तत्वों के संकेत मिले हैं और इनके व्यावसायिक खनन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
मंत्री प्रमोद कुमार के अनुसार केंद्र सरकार ने बिहार में महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों के 14 ब्लॉक की पहचान की है, जिनकी नीलामी जल्द शुरू होने की संभावना है। इनमें पैलेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट, कोबाल्ट और अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बांका जिले में कोबाल्ट के भंडार मिले हैं, जबकि भागलपुर जिले के बटेश्वरस्थान क्षेत्र में रेयर अर्थ एलिमेंट यानी आरईई के महत्वपूर्ण संकेत प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा क्रोमाइट के भंडार की भी संभावना जताई गई है।
खान मंत्री ने बताया कि Rare Earth Elements यानी आरईई 17 प्राकृतिक धात्विक तत्वों का समूह है, जिनका उपयोग मिसाइल, रडार, लड़ाकू विमान, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्टफोन, लैपटॉप और आधुनिक तकनीकी उपकरणों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन खनिजों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी मांग है और बिहार में इनके मिलने से राज्य की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।
मंत्री ने यह भी बताया कि नवादा जिले में वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट के खनन ब्लॉक, जबकि रोहतास जिले में ग्लॉकोनाइट के तीन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया 20 मई के बाद शुरू की जाएगी। इसके लिए Metal Scrap Trade Corporation ने बोलियां आमंत्रित की हैं।
इसके साथ ही जमुई जिले के सोनो क्षेत्र में सोने के भंडार को लेकर भी एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सरकार के मुताबिक वहां सर्वेक्षण जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। राज्य सरकार का दावा है कि दक्षिण बिहार के कई इलाकों में व्यापक खनिज सर्वेक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन जारी है, जिससे आने वाले समय में बिहार खनिज उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी पहचान बना सकता है।
बिहार में मिले दुर्लभ खनिजों के संकेत, जल्द शुरू होगी खनन और नीलामी प्रक्रिया


