बिहार के मुंगेर में इन दिनों एलपीजी गैस की भारी किल्लत लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस योजना लोगों के लिए राहत की उम्मीद तो जगा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी रफ्तार अब भी काफी धीमी दिखाई दे रही है। शहर और जमालपुर में पाइप लाइन बिछने के बावजूद हजारों परिवार अब तक गैस आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी Indian Oil Corporation Limited की ओर से मुंगेर और जमालपुर में बड़े स्तर पर पीएनजी परियोजना का विस्तार किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार अब तक लगभग 230 किलोमीटर मेन पाइप लाइन और 55 किलोमीटर सर्विस पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। मुंगेर नगर निगम के 45 वार्डों में से 26 वार्डों में पाइपलाइन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र में भी तेजी से काम चल रहा है।
आईओसीएल के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 5570 घरों में पीएनजी कनेक्शन दिया जा चुका है, लेकिन इनमें से केवल 3569 घरों में ही गैस सप्लाई शुरू हो पाई है। यानी बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिनके घर तक पाइप तो पहुंच गई है, लेकिन चूल्हा अब तक नहीं जल पाया है।
आईओसीएल के जियोग्राफिकल एरिया इंचार्ज विकास कुमार तोला ने बताया कि कई लोग आर्थिक तंगी के कारण अंतिम सहमति नहीं दे पा रहे हैं, जिसकी वजह से कनेक्शन चालू होने में देरी हो रही है। वहीं कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि आवेदन देने के महीनों बाद भी गैस आपूर्ति शुरू नहीं की जा रही है।
हालांकि जिन घरों में पीएनजी सेवा शुरू हो चुकी है, वहां लोगों को काफी राहत मिली है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अब सिलेंडर भरवाने और ढोने की परेशानी खत्म हो गई है और खर्च भी कम हो रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शहर में पाइप लाइन बिछ चुकी है, तो आखिर हर घर तक पीएनजी सुविधा पहुंचने में कितना समय लगेगा।
मुंगेर में एलपीजी संकट के बीच पीएनजी योजना की धीमी रफ्तार, हजारों घर अब भी इंतजार में


