बिहार के औरंगाबाद जिले से अगवा किए गए चार साल के मासूम बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। मगध रेंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आशंका है कि इस घटना के पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का हाथ हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक 16 मई को ओबरा थाना क्षेत्र का रहने वाला चार वर्षीय बच्चा वट सावित्री पूजा के दौरान अपनी मां के साथ मंदिर गया था। इसी दौरान एक अज्ञात महिला बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। महिला बच्चे को लेकर अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन पहुंची और वहां से ट्रेन के जरिए गया चली गई।
बच्चे के गायब होने के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने औरंगाबाद एसपी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें महिला बच्चे को लेकर स्टेशन की ओर जाती दिखाई दी।
इसके बाद औरंगाबाद और गया पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष एसआईटी का गठन किया। पुलिस ने अनुग्रह नारायण स्टेशन से लेकर गया तक के सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। आखिरी बार महिला को गया रेलवे स्टेशन से डेल्हा इलाके की ओर जाते देखा गया। इसके बाद पुलिस की 15 टीमों ने लगातार छापेमारी शुरू की।
तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने गया के खरखूरा इलाके में एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। मौके से रंजू देवी नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया है, जो गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस को महिला के कमरे से एक और बच्चा भी मिला है, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया है।
आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और यह महिला बच्चा चोर गिरोह की मास्टरमाइंड भी हो सकती है। फिलहाल महिला से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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