जिला समाहरणालय परिसर स्थित विकास भवन सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सहरसा एवं उप विकास आयुक्त सहरसा ने की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में भाव्या पोर्टल की समीक्षा में सहरसा जिले की रैंकिंग असंतोषजनक पाई गई। सदर अस्पताल, प्र० स्वास्थ्य केंद्र कहरा एवं अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में ऑनलाइन कंसल्टेशन और मरीजों के वाइटल दर्ज करने में सुधार की आवश्यकता जताई गई। कम प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य केंद्रों के प्रमुखों से स्पष्टीकरण मांगा गया और अन्य इंडिकेटर्स में भी सुधार के निर्देश दिए गए।
सफाई, आरओ, दवा की उपलब्धता एवं मरीजों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। ओपीडी में कमी वाले संस्थानों को इसमें सुधार के निर्देश मिले। संस्थागत प्रसव बढ़ाने और गृह प्रसव को अस्पतालों में रूपांतरित करने के लिए आवश्यक तैयारी करने को कहा गया।
सहरसा जिला भाव्या कार्यक्रम में राज्य स्तर पर 31वें स्थान पर है, जिसे सुधारने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को इसे शत-प्रतिशत लागू करने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में मरीजों को समय पर चिकित्सीय परामर्श और दवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, नर्सों, पारा मेडिकल स्टाफ और आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए। टीकाकरण, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, वेक्टर जनित रोग, गैर-संचारी रोग, संस्थागत प्रसव, आरसीएच पोर्टल पर डाटा संधारण, टेलीमेडिसिन और अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की समीक्षा कर आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया।
आयुष्मान भारत कार्यक्रम के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक से अधिक TMS कार्य करने को कहा गया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. कात्यायनी कुमार मिश्रा समेत जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, लेखा प्रबंधक और प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
