बिहार के नवादा जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया. मामला काशीचक थाना क्षेत्र के वीरनामा गांव के मुसहरी टोला का है, जहां गुरुवार शाम छापेमारी के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए. इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें एसआई दीप सिन्हा, कुणाल कुमार और बालेश्वर दास समेत दो सिपाही और एक चौकीदार शामिल हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस के अनुसार टीम गांव में अवैध शराब निर्माण और बिक्री की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची थी. इसी दौरान ग्रामीण अचानक आक्रामक हो गए और घरों की छतों से पत्थरबाजी शुरू कर दी. कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया.
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार लोगों में टोटो मांझी, बिजली मांझी, प्रमोद मांझी और जितेंद्र मांझी समेत कई महिलाएं भी शामिल हैं. एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार कई आरोपी पहले भी अवैध शराब के मामलों में जेल जा चुके हैं.
काशीचक थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि इस मामले में 14 से 15 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस ने साफ कहा है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और हमले में शामिल दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
