बिहार के शेखपुरा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पति-पत्नी का विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। सिरारी थाना क्षेत्र के कैथवां गांव के पास एक युवक ने अपनी पत्नी को सरेआम गोली मार दी। घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी पति को पकड़कर इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, सुल्तानपुर निवासी 28 वर्षीय प्रदीप ठाकुर बाइक से घटनास्थल पर पहुंचा था। उसकी पत्नी 25 वर्षीय प्रतिमा देवी ई-रिक्शा से कहीं जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदीप ने फिल्मी अंदाज में ई-रिक्शा रुकवाया और पत्नी को जबरन नीचे उतार लिया। इसके बाद उसने कमर से देशी पिस्टल निकाली और प्रतिमा पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि महिला को चार गोलियां लगी हैं। गंभीर हालत में उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। वारदात को अंजाम देकर भागने की कोशिश कर रहे प्रदीप ठाकुर को लोगों ने पकड़ लिया। भीड़ का गुस्सा इतना बढ़ गया कि लोगों ने आरोपी से हथियार छीन लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल सिरारी थाने से महज दो किलोमीटर दूर था, बावजूद इसके पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी। लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती तो मॉब लिंचिंग जैसी घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल और कई खाली खोखे बरामद किए हैं। सिरारी थानाध्यक्ष पीयूष कुमार ने बताया कि मॉब लिंचिंग में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं प्रभारी एसडीपीओ धीरज कमार ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
