भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डीआरडीए कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिले के तीनों अनुमंडल पदाधिकारी, तीनों भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा सभी अंचल अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि भागलपुर जिले में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 14 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि अमीनों द्वारा भूमि सर्वे का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित गति से कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भू-अर्जन से जुड़े मामलों की निगरानी एवं अनुश्रवण स्वयं करेंगे, ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके।
बैठक के दौरान एनएच-133 परियोजना, एकचारी–महगामा पथ, पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना, कटारिया–विक्रमशिला रेल लाइन, औद्योगिक क्षेत्र गोराडीह, बधुआ जलाशय योजना, अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, गंगा पथ परियोजना तथा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट परियोजना सहित अन्य योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि के भू-अर्जन की परियोजनावार विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 5 से 6 दिनों के भीतर सभी भू-धारकों का सर्वे कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक भू-धारी का जमाबंदी नंबर, खाता संख्या, खेसरा संख्या सहित सभी आवश्यक विवरण तैयार कर परियोजनावार प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए, ताकि भू-अर्जन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जा सके और विकास योजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
वहीं बैठक के उपरांत जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने डीआरडीए कार्यालय परिसर में जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में जरूरतमंद और असहाय लोगों की सहायता करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस तरह के जनकल्याणकारी कार्य लगातार जारी रहेंगे।
