पलामू जिले में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सख्त तेवर दिखाए हैं। पांकी स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी विद्यालय और प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए और लापरवाही पर नाराजगी भी जताई।
मेदिनीनगर के पांकी में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नामांकन के मुकाबले कम उपस्थिति पर चिंता जताते हुए प्राचार्य से जवाब तलब किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अनुपस्थित छात्राओं के कारणों की पहचान कर समाधान किया जाए और 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालय में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि शिक्षा व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित हो सके। इस दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की छात्राओं से संवाद कर उनके करियर लक्ष्यों के बारे में जाना और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने आधुनिक शिक्षा में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर भी चर्चा की। साथ ही छात्राओं को ChatGPT, Gemini और Perplexity AI जैसे टूल्स का उपयोग पढ़ाई में सहायक के रूप में करने और तथ्यों का सत्यापन करते हुए जिम्मेदारी से सीखने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने छात्राओं के बीच स्कूल बैग का वितरण भी किया और उसकी गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद उन्होंने पांकी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया, जहां लंबित कार्यों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करने और ऑफलाइन उपस्थिति पर रोक लगाने को कहा। साथ ही कार्यालय में आए आगंतुकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
संवाददाता:
विकाश कश्यप, पलामू / झारखंड
