बिहार की राजधानी पटना से एक अहम राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम बदल दिया गया है। लंबे समय से ‘एक अणे मार्ग’ के नाम से जाना जाने वाला सीएम हाउस अब ‘लोक सेवक आवास’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद किया गया है।
बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने यह बड़ा फैसला लिया। इससे पहले इस आवास में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रहते थे। हालांकि, राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अब वे 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो गए हैं।
नीतीश कुमार का 7 सर्कुलर रोड आवास से पुराना संबंध रहा है। इससे पहले जब Jitan Ram Manjhi मुख्यमंत्री थे, उस दौरान भी नीतीश कुमार इसी आवास में रहते थे। ऐसे में एक बार फिर उन्होंने उसी आवास को अपना निवास बनाया है।
वहीं, ‘लोक सेवक आवास’ में अब सम्राट चौधरी रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस नाम परिवर्तन के पीछे उनकी सोच है कि मुख्यमंत्री जनता का सेवक होता है, न कि शासक। इसी विचार को मजबूत संदेश देने के लिए उन्होंने ‘एक अणे मार्ग’ का नाम बदलकर ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ नाम बदलने का फैसला नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है। पिछले दो दशकों से ‘एक अणे मार्ग’ बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास रहा है, जहां से कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए गए। अब इस नाम बदलाव को नई परंपरा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह कदम प्रशासनिक बदलाव के साथ-साथ जनता के बीच एक नई छवि बनाने की कोशिश भी माना जा रहा है, जो आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर असर डाल सकता है।
