सहरसा जिले में आगामी मानसून और संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र स्थित पूर्वी कोसी तटबंध के संवेदनशील इलाकों का एसडीएम श्रेयस तिवारी ने व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध पर चल रहे सुरक्षा और कटावरोधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में बुधवार को एसडीएम श्रेयस तिवारी ने पूर्वी कोसी तटबंध के स्पर्श संख्या 72.00 से 84.00 तक के हिस्से का निरीक्षण किया। उनके साथ सुपौल डिवीजन के कार्यपालक अभियंता पवन कुमार, एसडीओ अनुराग मिश्रा समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने विशेष रूप से स्पर्श संख्या 77.400 और 78.00 पर चल रहे एंटी रोजन कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, मजबूती और प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी सुरक्षात्मक कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।
एसडीएम श्रेयस तिवारी ने कहा कि कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तटबंध के अंदर बसे गांवों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने और किसी भी लापरवाही से बचने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि तटबंध की मजबूती सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि संभावित बाढ़ और कटाव के खतरे को कम किया जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि समय रहते सभी सुरक्षा उपाय पूरे कर लिए जाएं, जिससे मानसून के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की इस सक्रियता से तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों में भरोसा बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर निरीक्षण और कार्य पूरा होने से बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अब प्रशासन लगातार तटबंध की निगरानी और सुरक्षा कार्यों पर नजर बनाए हुए है।